January 16, 2021

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26/11 की बरसी: दौड़ती-भागती मुंबई जब ठहर सी गई थी,60 घंटों तक चला था मौत का नंगा नाच!

26 नवंबर 2008 की शाम। जब मुंबई हमेशा की तरह दौड़-भाग रही थी। तब उसे नहीं पता था कि 10 लोग हाथ में हथियार लेकर अरब सागर से होते हुए उस तक पहुंच रहे हैं। इन 10 आतंकियों के बैग में 10 एके-47, 10 पिस्टल, 80 ग्रेनेड, 2 हजार गोलियां, 24 मैगजीन, 10 मोबाइल फोन, विस्फोटक और टाइमर्स रखे थे।

इतना सब मुंबई को घुटनों पर लाने के लिए काफी था। साथ में वो खाने के लिए बादाम और किशमिश भी लाए थे। उनके हैंडलर बार-बार उनसे कह रहे थे, ‘तुम्हारे चेहरे पर चांद की तरह नूर दिखाई देगा। तुम्हारे शरीर से गुलाब की महक आएगी और तुम सीधे जन्नत जाओगे।’

उस रात ठीक 8 बजकर 20 मिनट पर अजमल कसाब और उसके 9 साथियों ने मुंबई में कदम रखा। उनसे कहा गया था, ‘तुम्हारा सबसे बड़ा हथियार है…उन्हें अचरज में डालना।’ उन्हें सिखाया गया था कैसे टैक्सियों में टाइम बम लगाने हैं, ताकि वो पूरे शहर में थोड़ी-थोड़ी देर पर फटें।

मुंबई उतरने के बाद आतंकी दो-दो के ग्रुप में बंट गए और अलग-अलग रास्तों पर चल पड़े। सबसे पहला हमला रात 9 बजकर 43 मिनट पर लियोपॉल्ड कैफे के बाहर हुआ। आतंकी जिस टैक्सी से आए थे, उसी में उन्होंने टाइम बम लगा दिया था। टैक्सी रुकी ही थी कि बम फट गया।

ड्राइवर और उसमें बैठी दो महिलाओं की तुरंत मौत हो गई। जब लोग वहां से भागे, तो दो आतंकियों ने सड़क से ही एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 9 लोग मारे गए।

सबसे ज्यादा 58 लोग CST पर मारे गए
पहले हमले के ठीक 2 मिनट बाद 9 बजकर 45 मिनट पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल (CST) पर हमला हुआ। इसे दो आतंकियों अजमल कसाब और इस्माइल खान ने अंजाम दिया था। कसाब लोगों पर गोलियां चला रहा था, जबकि इस्माइल का काम वहां से भाग रहे लोगों पर ग्रेनेड फेंकने का था। इस हमले में सबसे ज्यादा 58 लोग मारे गए थे। उस रात किसी के लिए न रुकने वाली मुंबई ठहर सी गई थी।

CST पर हमले के बाद कसाब और इस्माइल वहां से कामा अस्पताल पहुंचे। ये एक चैरिटेबल अस्पताल है, जिसे 1880 में एक अमीर कारोबारी ने बनवाया था। उन्होंने घुसते ही चौकीदार को मारा। अस्पताल के बाहर आतंकियों से मुठभेड़ हुई, जिसमें उस समय के ATS चीफ हेमंत करकरे, मुंबई पुलिस के अशोक कामटे और विजय सालसकर मारे गए।

सबसे ज्यादा 58 लोग CST पर मारे गए
पहले हमले के ठीक 2 मिनट बाद 9 बजकर 45 मिनट पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल (CST) पर हमला हुआ। इसे दो आतंकियों अजमल कसाब और इस्माइल खान ने अंजाम दिया था। कसाब लोगों पर गोलियां चला रहा था, जबकि इस्माइल का काम वहां से भाग रहे लोगों पर ग्रेनेड फेंकने का था। इस हमले में सबसे ज्यादा 58 लोग मारे गए थे। उस रात किसी के लिए न रुकने वाली मुंबई ठहर सी गई थी।

CST पर हमले के बाद कसाब और इस्माइल वहां से कामा अस्पताल पहुंचे। ये एक चैरिटेबल अस्पताल है, जिसे 1880 में एक अमीर कारोबारी ने बनवाया था। उन्होंने घुसते ही चौकीदार को मारा। अस्पताल के बाहर आतंकियों से मुठभेड़ हुई, जिसमें उस समय के ATS चीफ हेमंत करकरे, मुंबई पुलिस के अशोक कामटे और विजय सालसकर मारे गए।

26 नवंबर की रात से शुरू हुआ तांडव 29 नवंबर की सुबह खत्म हुआ

26 नवंबर की रात 9 बजकर 43 मिनट से शुरू हुआ आतंक का तांडव 29 नवंबर की सुबह 7 बजे खत्म हुआ। मौत का ये तांडव 60 घंटे तक चला। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। 9 आतंकियों को एनकाउंटर में मार दिया गया था। जबकि, एकमात्र आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। कसाब को 21 नवंबर 2012 को फांसी दे दी गई। इस हमले में मुंबई पुलिस, ATS और NSG के 11 जवान शहीद हुए थे।