April 11, 2021

Samachar One

Web News Portal

आज ही के दिन लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी उतारकर दादा ने मनाया था जीत जश्न!

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को नई टीम इंडिया को तराशने का श्रेय दिया जाता है। जब-जब गांगुली की कप्तानी की बात होती है, तो 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नैटवेस्ट ट्रॉफी में लॉर्ड्स का फाइनल जरूर याद किया जाता है। इस मैच में हार के कगार पर खड़ी होने के बावजूद टीम इंडिया ने जीत दर्ज की और गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी उतारकर जश्न मनाया था। यह तस्वीर आज भी हर क्रिकेट फैंस के जहन में ताजा है।

उस जीत के हीरो रहे मोहम्मद कैफ ने भी 2 साल पहले संन्यास के लिए यही दिन चुना था। कैफ ने तब करियर की सबसे यादगार पारी खेली थी। उन्होंने नाबाद 87 रन की पारी खेलकर टीम को 2 विकेट से जीत दिलाई दी थी।

भारत को 326 रन का लक्ष्य मिला था

इंग्लैंड के खिलाफ नैटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में भारत को जीत के लिए 326 रन का लक्ष्य मिला था। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान नासिर हुसैन(115) और मार्कस ट्रेसकॉथिक(109) की पारी की बदौलत 5 विकेट खोकर 325 रन बनाए थे। उस दौर में यह टारगेट बड़ा था। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 150 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए थे।

जीत की सभी उम्मीदें खत्म हो गईं थी। इसके बाद युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम की जीत तय की। युवराज ने आउट होने से पहले 69 रन की शानदार पारी खेली थी। इस जीत के हीरो रहे मोहम्मद कैफ को करियर में पहली बार ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया था।