June 4, 2020

देहरादून: क्वांरटाइन सेंटर या कैदखाना

देहरादून:-

कोरोना महामारी से बचाव हेतु संदिग्ध लोगों को समाज से दूर क्वांरटाइन सेंटर में रखना भारत मे कष्टदाई बन रहा है।
जनता कोरोना बीमारी से तो बच भी जाएगी पर सरकार की अव्यवस्था पता नही कितनी जनता की बलि लेगी।
नगर निगम देहरादून के वार्ड 45 के न्यू गुरु रोड क्षेत्र में एक कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर उसकी गली के लगभग 21 लोगो को बिधोली स्थित अश्वनी ग्रेंड बॉयज हॉस्टल में क्वांरटाइन किया गया जिसमें लगभग 50 लोग पहले से ही क्वांरटाइन है।
कल 22 मई 2020 को दोपहर 1बजे के करीब लोगो को क्वांरटाइन सेंटर में भर्ती करा गया या ये कहे कैद किया गया अव्यवस्था का स्तर ये की छोटे बच्चे भी लोगो के साथ पर दोपहर एक बजे से रात दस बजे तक पीने का पानी भी लोगो को उपलब्ध नही करवाया गया परेशान जनता ने जब विरोध किया तो उनके खाने की कुछ व्यवस्था हुई।
आज प्रातः क्वांरटाइन सेंटर के बाथरूम व टॉयलेट में पानी नही था प्रातः 10 बजे तक पानी की कोई व्यवस्था नही हुई बच्चो को दूध उपलब्ध नही हुआ कुछ प्लास्टिक की थैली में चाय दी गई पर गिलास नही दिए गए।
सेंटर में एक 70 वर्षीय पंडित जी भी भर्ती किये गए जो लगभग 15 वर्षो से सिर्फ उबले आलू भोजन में लेते है वो कल 22 मई से आज 23 मई दोपहर 12 बजे तक भूखे थे ।
अधिकारियों से इस विषय पर वार्ता की तो सब जिम्मेदारी से भागते एक दूसरे पर जिम्मेदारी देते रहे।
कोरोना महामारी के नाम पर सरकारी/जनता के धन की सिर्फ बंदरबांट होती दिख रही है। सरकार की लापरवाही से देश की आम जनता इस बीमारी से ग्रस्त हुई जनता बीमारी,भूख व अव्यवस्था के कारण रोज मर रही है पर राहत के नाम पर सिर्फ लूट होती दिख रही है।

सरकारे जनता बनाती है सत्ता के मद में सरकार को जनता का उत्पीड़न नही करना चाहिए आज की स्तिथि में देश व उत्तराखंडः प्रदेश की सरकार विफल होती दिख रही है कोरोना महामारी कुछ लोगो को लाभ कमाने का अवसर बनती प्रतीत हो रही है।
सरकार अब भी नींद व सत्ता के नशे से जागे और कोरोना महामारी में व्याप्त अव्यवस्था को दूर कर जनता के जीवन की रक्षा करे।

अरुण कुमार शर्मा
प्रबंधक
शैल शिखर सामाजिक संस्था